December 11, 2019

Economy War: चीन की ये कंपनियां होने वाली है बंद, अमेरिका ने चीन के इन 28 कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट

अगर माने की चीन औद्योगिकरण में पूरी दुनिया में सबसे आगे है तो यह कहना गलत नहीं होगा. क्योंकि चीन बहुत ही तेजी से अपने उद्योगों को इस तरीके से बढ़ावा दे रहा है कि उनका इकोनॉमी इतना तेजी से बढ़ रहा है कि वह पूरी दुनिया में पहले स्थान पर आ जाएगा. चीन में अधिकतर कंपनियां टेक की है. और अगर बात करें खिलौनों की तो एशिया में सबसे ज्यादा खिलौनों की बिक्री चीन की कंपनियां करती है.

टेक्नोलॉजी दिन प्रतिदिन चीन में एक नए मुकाम पर पहुंच रही है. किसी भी देश का इकोनॉमी में अगर वृद्धि हो रही है, तो उसका एक ही कारण है कि वहां के उद्योग में इनोवेशन हो रहे हैं. अगर इनोवेशन की बात करें तो पूरी दुनिया में चीन 17वें नंबर पर आता है. पिछले कई दशकों से यह आरोप लगते रहे हैं कि चीन कॉपीराइट नियमों का पालन नहीं करता है.

जिसमें कई बार सत्यता पाई गई है कि चीन में बहुत सारी टेक कंपनियां दूसरों के सिद्धांतों पर अपने मशीन स्कोर बनाते हैं.  परंतु अब चीन की कंपनियों में काफी सुधार हो चुका है और वैश्विक स्तर पर इस तरह के बहुत सारे नियम कठोरता से सभी देशों में लागू किए जा चुके हैं.

पिछले 70 सालों में चीन ने काफी तेजी से अपने देश को विकसित किया है. एक कहावत है,  कॉपी करना भी एक कला है और सभी से कॉपी नहीं होता है. यही कोई कारण रहा कि चीन अन्य देशों के मुकाबले काफी तेजी से विकसित हो रहा है.

पूरे विश्व में पहले नंबर पर स्थित इकोनॉमी में अमेरिका सबसे आगे है. वहीं चीन इतनी तेजी से विकसित हो रहा है कि उनका इकॉनमी 2025 से 2030 के बीच अमेरिका को मात देते हुए पूरे विश्व में पहले स्तर की इकोनॉमी पर पहुंच जाएगा. और यही कुछ वजह है कि अमेरिका बार-बार चीन की कई कंपनियों को अपने देश में सामान निर्यात करने पर रोक लगा चुके हैं.

चीन ने एशिया के लगभग सभी देशों में बड़े ही सफलतापूर्वक अपने व्यापार को बढ़ाया है. सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि चीन दुनिया के बाकी देशों में भी काफी तेजी से विकसित हो रहा है. लेकिन अमेरिका ने चीन की लगभग 28 कंपनियों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है.

अमेरिका के इन कंपनियों पर बैन लगाने पर अभी चीन का बयान आना बाकी है.  ऐसे में अगर इन कंपनियों ने अमेरिका में कुछ सामान निर्यात करने की सोची तो उन्हें सबसे पहले स्पेशल परमिशन लेने होंगे. इन 28 कंपनियों में सबसे ज्यादा टेक कंपनियां शामिल है.
कोई भी देश किसी भी अन्य देश के सामानों पर बैन तभी लगाता है जब उनके देश में पूर्ति होने के लिए वह सामान उपलब्ध हो रहा होता है. परंतु किसी अन्य देश के द्वारा सस्ते दामों में दिए जाने पर बाहर से उस देश में सामान की बिक्री तेज हो जाती है.  और उस देश के व्यापारियों को काफी दिक्कत होता है और अपना बिजनेस दिन प्रतिदिन समाप्त होते हुए दिखता है.

और यही वजह है कि एशिया के बहुत सारे देश में औद्योगिकरण नहीं हो पा रहा है क्योंकि चीन से बहुत ही सस्ते दामों पर उस आदेश में वस्तु का निर्यात हो जाता है जिससे उस देश का इकॉनमी मी गिरना तय है. और यही सारी घटनाएं भारत देश में भी होती है कि भारत देश के उद्योग इसीलिए बंद पड़े रहते हैं या शुरू नहीं हो पाते हैं क्योंकि उस सामान की पूर्ति पहले से ही सस्ते दामों पर दूसरे देश से आ रही होती है.

आपका क्या राय है आप कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा और ताजा खबरों के लिए हमें नीचे दिए गए फॉलो बटन पर क्लिक करके फॉलो जरूर कर लें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *