December 13, 2019
iran oil reserves: found

ईरान को मिला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार, सरकार ने कहा हम सबसे आमिर देश है

 ईरान में तेल का एक विशाल भंडार मिला है जिसकी क्षमता एक अनुमान के मुताबिक 53 अरब बैरल है. चौतरफा आर्थिक प्रतिबंध झेल रहे ईरान के लिए यह एक सुखद खबर है कहा जा रहा है कि पिछले एक दशक में ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए यह एक अहम करवट साबित होगी.  ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इसकी घोषणा की और कहा कि इस खोज के बाद ईरान के पास दुनिया में तेल का तीसरा सबसे बड़ा भंडार हो जाएगा.

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 ईरान के राष्ट्रपति के अनुसार यह इलाका ईरान के स्थान प्रांत में है. यह तेल क्षेत्र दक्षिण पश्चिम ईरान के 2400 वर्ग किलोमीटर इलाके में फैला हुआ है. ईरान के एहवाग तेल क्षेत्र के बाद यह दूसरा बड़ा तेल क्षेत्र होगा. अमेरिका की इंफॉर्मेशन एनर्जी एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक ईरान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश है. और दुनिया का दूसरा बड़ा गैस भंडार वाला देश.

 ईरान तेल निर्यातक देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोल का संस्थापक OPEC रहा है. उसके पास अभी कुल 155.6 अरब बैरल का प्रमाणित भंडार है.नई खोज के बाद इसमें 34 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा हो गया है ईरान ने पिछले महीने ही घोषणा की थी कि प्राकृतिक गैस की नई खोज से उसके राजस्व में 40 अरब डॉलर जुड़ेगा।

इन में भंडारों की घोषणा करते हुए रूहानी ने अमेरिका पर भी हमला बोला। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक रूहानी ने कहा हम लोग अमेरिका से कहना चाहते हैं, कि हम एक अमीर देश हैं. और आपके कठोर प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के तेल उद्योग के कामगारों और इंजीनियरों ने ने तेल क्षेत्र की खोज की है.

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ईरान के पास कितना तेल है यह तो सार्वजनिक है लेकिन सऊदी अरब के तेल भंडार को लेकर रहस्य बना रहता है. सऊदी अरब ओपेक 2015 में अपने जितने अनुमानित भंडार की जानकारी दी है उसके मुताबिक उसके पास 266 बैरल का प्रमाणित तेल भंडार है. अगर यह नंबर सही है तो औसत 1.2 करोड़ बैरल प्रतिदिन उत्पादन के हिसाब से उसका तेल भंडार अगले 70 सालों में खत्म हो जाएगा लेकिन आधिकारिक आंकड़े सही हैं, इसे लेकर संदेह बना हुआ है.

 इसकी वजह है कि 1987 में सऊदी अरब ने तेल भंडार 170 अरब बैरल बताया था. 1989 में उसने बढ़ाकर 260 अरब बैरल कर दिया। रिव्यू ऑफ़ वर्ल्ड एनर्जी 2016 की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब 94 अरब बैरल का तेल दे चुका है, या खर्च कर चुका है. फिर भी आधिकारिक रूप से उसका भंडार 260 से 265 बैरल ही है.

अगर सरकार का डाटा सही है तो इसका मतलब यह हुआ कि सऊदी अरब ने तेल के नए ठिकाने खोजे हैं या फिर अनुमानित भंडार को ही बढ़ा दिया है. अनुमानित भंडार को बढ़ाने का एक आधार हो सकता है कि जिन ठिकानों से तेल का उत्पादन हो रहा है वही और तेल है या फिर अब तक जितने तेल निकाले गए हैं उसकी आपूर्ति फिर से की गई है.

 लेकिन सऊदी अरब में तेल भंडार के जिन विशाल ठिकानों की खोज की गई वह 1936 से 1970 के बीच ही है. इसके बाद इसकी तुलना में सऊदी अरब में तेल के नए ठिकानों की खोज नहीं की गई है. समस्या यह है कि जहां-जहां तेल उत्पादन हो रहा है उसका लेखा-जोखा और अनुमानित भंडार सरकार काफी गोपनीय रखती है.

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 इसकी जानकारी भीतर के कुछ गिने-चुने लोगों को ही होती है. ऐसे में किसी भी तथ्य की पुष्टि करना असंभव सा लगता है. तेल विश्लेषक भी इस बात को बताने की हालत में नहीं है कि सऊदी अरब में तेल उत्पादन कब गिरना शुरू होगा। सऊदी अरब अभी सबसे ज्यादा तेल का उत्पादन कर रहा है इससे उस भविष्यवाणी को झटका लगा है जिसमें बताया गया था कि सऊदी अरब का तेल उत्पादन शिखर पर जाने के बाद नीचे आ जाएगा।

भविष्य में तेल उत्पादन की क्षमता को जानने के लिए अलग-अलग तरीके हो सकते हैं तेल भंडार को समझने के लिए एक जरिया यह भी है कि उत्पादन शुरू होने से पहले तेल का खजाना कितना बड़ा था. तेल खाने का मतलब ओरिजिनल ऑयल इन प्लेस ऑफ OOPE  से है 1970 के दशक में इस बात को लेकर व्यापक सहमति थी कि सऊदी अरब ने 530 अरब बैरल की खोज की थी. 

अनुमानित ओआईपी की जानकारी सऊदी अरब और अमेरिका की तेल कंपनी अरामको की तरफ से दी गई थी जो एक रिपोर्ट के रूप में पेश की गई थी.

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