फ़रवरी 22, 2020

स्कूलों में शिक्षक नहीं कर पाएंगे मोबाइल का उपयोग

आज की ताजा खबर में आज हम आपको बताने जा रहें है कि शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल है. यूपी हो या बिहार जा भारत के अधिकतम 95 फ़ीसदी राज्य में शिक्षा को लेकर शिक्षक सजग नहीं रहते हैं. जिसका परिणाम बचपन से ही शिक्षा व्यवस्था बच्चों के दिमाग में कमजोर सा प्रदर्शित होता है. और बचपन में अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती है क्योंकि वह किसी सरकारी विद्यालय में पढ़ रहे होते हैं. जिसका असर आने वाले समय में बेहतर तरीके से दिखता है.

पूरे भारतवर्ष में वर्तमान में शिक्षा व्यवस्था का हाल

परंतु इन शिक्षा व्यवस्था पर कौन ध्यान देगा जोकि चुपचाप विद्यालय में आकर बैठे रहते हैं या फिर गप्पे करते रहते हैं या फिर अपने मोबाइल से सोशल मीडिया पर समय बिताते हैं. इसका पर्दाफाश कई बार सोशल मीडिया साइट्स पर वीडियो वायरल होने के रूप में हो चुका है. परंतु किसी भी तरीके का ठोस कदम सरकार की तरफ से नहीं उठ पाया है.

यह तो सभी जानते हैं कि जब बच्चा बहुत ही छोटा होता है. यानी कि जब वह तीन या चार कक्षा में पढ़ रहे होते हैं या फिर आठवीं तक पढ़ रहे होते हैं. तो उनको जो भी बताया जाता है वह तुरंत ही सीख जाता है या वह जो चीज देखता है उसे अपने दिमाग पर लगाने में रहता है. यानी एक शब्द में कहें तो वह जो दिखता है वही सीखता है और वैसा ही व्यवहार करने लगता है.

कितना समय तक शिक्षक नहीं कर पाएंगे मोबाइल का उपयोग

परंतु इस तरीके के शिक्षा व्यवस्था में अगर हुआ बच्चा अपना समय बताएगा तो उस पर गहरा असर हो सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी के स्कूलों में किसी भी शिक्षक द्वारा सुबह 8:30 बजे से लेकर दोपहर 1:00 बजे तक सोशल मीडिया साइट्स को एक्सेस नहीं कर पाएंगे परिषदीय स्कूल में लागू होगी.
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अगर कोई भी शिक्षक सुबह 8:30 बजे से लेकर दोपहर 1:00 बजे के बीच में मोबाइल द्वारा सोशल मीडिया साइट्स को एक्सेस करता हुआ पकड़ा जाता है, तो उन पर विभागीय कार्यवाही करने का प्रावधान भी है.

शिक्षकों को यूनिफॉर्म पहनना पड़ सकता है

इससे यह उम्मीद तो कर ही सकते हैं कि शिक्षक ज्यादा से ज्यादा समय बच्चों को पढ़ाने में गुजारेंगे यानी कि उनका ध्यान बच्चों को पढ़ाने से नहीं भटकेगा. आप हमसे जुड़े रहने के लिये फेसबुकइंस्टाग्रामयूट्यूब या ट्वीटर पर सबसे पहले खबरों को जानने के लिए जुड़ सकते है.

इटावा के जिला स्तर अधिकारी अजय कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी शिक्षक बिना किसी खास परिधान के नहीं आ सकते हैं. हालांकि इसका निर्धारण अभी करना बाकी है तथा यह भी खबर है कि उच्च अधिकारी शिक्षकों के परिधान के लिए चयन तथा पूरी प्रक्रिया पूरी करेंगे.

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