दरअसल एक मुस्लिम कैब चालक जो महाराष्ट्र में गाड़ी चलाता था, उनको कुछ लोगों ने कहा कि तुम जय श्री राम कहो तो उसके चालक ने उनके बातों से इंकार कर दिया. जिसके बाद उन चार पांच लोगों ने इस मुस्लिम कैब चालक की पिटाई कर दी.

मुस्लिम कैब चालक का नाम क्या था और यह घटना कब हुआ?

जय श्री राम नहीं बोलने पर युवक की हुई जमकर पिटाई

एक ऑनलाइन कंपनी के कैब चालक फैसल जब कुछ यात्रियों को जिले के दीवा कस्बे में गया था. फैजल ने पुलिस को बताया कि जब वह यात्रियों को पहुंचा कर वापस लौट रहे थे, तब उनका चार पांच लोगों से झगड़ा हो गया जो कि नशे के हालत में थे.

जब उन चार पांच लोगों को जो नशे में थे पता चला कि यह ड्राइवर एक मुस्लिम है. तो उन लोगों ने उस ड्राइवर को यह कहा कि तुम जय श्री राम कहो जिसके बाद उस मुस्लिम कैब चालक ने जय श्री राम कहने से इंकार कर दिया जिसके बाद उन नशे में धुत लोगों ने फैजल की पिटाई कर दी.

अधिकारियों ने कहा है कि 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. और बाकी लोगों की तलाश जारी है. फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब या ट्वीटर पर काफी चर्चे में रहती है खबर

आरोपियों पर कौन सी धाराएं लगी है?

अध्यक्ष एस.एस. बूरसे ने यह साफ साफ कहा कि पुलिस ने भारतीय धारा 295 और 393 का मामला दर्ज किया गया है.

फैसल को इस बात की बहुत दुख है, कि उसे इस तरीके से जय श्री राम कहने पर मजबूर किया गया जिसके बाद उनके भावनाओं को बहुत ठेस पहुंचा और इससे यह समाज में बहुत ही गलत मैसेज गया.

 किसी को जबरदस्ती किसी के धर्म का उल्लंघन या धर्म विरोधी वाक्य या शब्द कहना बहुत ही ज्यादा गलत है. क्योंकि वह अपने धर्म को मानते हैं और कोई अपने धर्म को मानता है. इसीलिए किसी भी व्यक्ति को यह चाहिए कि वह किसी भी धर्म या व्यक्ति के प्रति गलत भावना ना रखें ना ही किसी का धार्मिक नुकसान करें.

कौन है यह लोग और कहां से आते हैं?

कुछ ही लोग ऐसे होते हैं जो कि दूसरों के धर्म जाति पर प्रश्नचिन्ह लगाने लगते हैं या कुछ ऐसे वाक्य या शब्द कहते हैं. जिससे यह लगने लगता है कि सामने वाला जातीय समाज गलत है जो कि वास्तव में वैसा नहीं होता है. मेरे कहने का मतलब यह है कि कुछ ही लोग ऐसे होते हैं जो पूरे समाज को बर्बाद करके रख देते हैं. हमेशा इनसे सावधान रहने की सलाह दी जाती है.

भारत देश में हिंदू-मुस्लिम या किसी अन्य जातियों से मतभेद किसी न किसी कारणवश बना ही रहता है जिसका कोई खास कारण नहीं है इसमें किसी का फायदा जरूर होता है जो अपने फायदे के लिए आम नागरिकों का इस्तेमाल करता है. जिसके बाद कुछ ऐसा ब्रेनवाश हो जाता है लोगों का कि वह यह भी समझ नहीं पाता है कि वह क्या कर रहा है.

इस तरह के विषम परिस्थितियों में लोगों को क्या करना चाहिए

यही वजह रहा कि चार-पांच लोगों का पहले ब्रेनवाश किया हुआ है कि वह हिंदू मुस्लिम या किसी अन्य जाति का विरोध करें या किसी ऐसे वाक्य का उपयोग करें जो कि किसी दूसरे धर्म के लिए सही नहीं है. और इस तरीके से धर्म प्रचार भी सही नहीं है, इसका किसी भी धर्म में उल्लेख भी नहीं है कि आप इस तरीके से धर्म का प्रचार प्रसार करें.

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