मेक इन इंडिया को ध्यान में रखते हुए भारत देश में ही एक ऐसा स्वदेशी तोप बनाया गया है. जिससे दुश्मन कांप उठेंगे और बॉर्डर पर दुश्मनों को दूर तक खदेड़ सकता है.
यह बहुत ही गहरा शक्तिशाली है क्योंकि इसमें कंप्यूटर से चलने वाली और निर्देशित होने वाली युक्तियां बनी हुई है.

धनुष तोप जो दुश्मनों के छुड़ाएंगे छक्के, भारतीय सेना में होगा आज शामिल
धनुष तोप

कब से प्रयास हो रहा था धनुष को बनाने का?

2012 से लगातार कोशिशों के बाद अब भारत एक ऐसे तोप का चयन भारतीय सेना में करने जा रहे हैं. जिसमें कि यह दुनिया के किसी भी दोस्त को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा सक्षम है.

ऑर्डिनेंस फैक्टरी ने बोफोर्स से दो पीढ़ी आगे अत्याधुनिक तोपों का विकास हो चुका है.
जो कि 42 किलोमीटर के रेंज में दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकती है. तोप का नाम धनुष है जो दुनिया भर में भारतीय सेना को और ताकतवर दिखाने में मदद कर रही है.

स्वदेशी आधार पर बनी यह धनुष तोप 155mm 45 कैलिबर की मॉडर्न आर्टिलरी प्रणाली में बनाई गई है, यानी कि यह गाना पृथक गन सिस्टम में विकसित की गई है धनुष का वजन 155mm 40 कैलीबर गन से 755 किलोग्राम ज्यादा होगा.

कुल कितने तोप चाहिए भारतीय सेना को?

बैरल भी बोफोर्स की तुलना में 877 मिमी ज्यादा है. 1987 में स्वीडन 414 बोफोर्स आयात किए गए थे, जिसमें अभी भी लगभग 300 बोफोर्स सीमा पर तैनात है. परन्तु इनकी बढ़ती उम्र के कारण इसके उपयोग पर रोक लगाने का निर्णय किया गया है जिसके जगह पर धनुष आएगा.

इस धनुष तोप की पूर्ति के लिए भारतीय सेना ने ऑर्डिनेंस फैक्टरी कानपुर को 414 धनुष तोपों का ऑर्डर भी दे दिया गया है. ऑर्डिनेंस फैक्टरी कानपुर के 2 पीढ़ी अधिक सोचने पर भारतीय सेना को अत्यधिक शक्ति वाला सेना बना रहा है.
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क्या इसके सभी पार्ट्स विदेशों में बने है?

यह दुनिया के सबसे लंबी तोपों वाली श्रेणी में शीर्ष पर है और दी गई जानकारी के मुताबिक धनुष को बनाने के लिए भारत में ही लगभग 90 फ़ीसदी पार्ट्स बने हैं. और लगे हाथ यह भी बता दूं कि नई तोपों का परीक्षण बैरल करने उतर चुका है.

भारत भी अन्य शक्तिशाली को को रखने वाले देशों में शामिल हो चुका है जो कि अपने आप में एक बहुत ही बड़ा और गर्व करने वाली बात है. धनुष तोप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 32 किलोमीटर के रेंज में छुपे किसी भी तरह के दुश्मन को मौत के घाट उतार सकता है.

स्वीडन, इजरायल, कनाडा और फ्रांस के साथ-साथ भारत देश में शक्तिशाली को को रखने वाली शक्तिशाली सेना बन चुकी है, यहां तो कंप्यूटर प्रणाली पर काम करती है.

धनुष तोप की कार्यप्रणाली क्या है?

आधुनिक प्रणाली की तुलना में नाइट कैमरा साइटिंग से ज्यादा प्रभावी दे कैमरा साइटिंग है. और यह भी कहा जा रहा है कि इसके आधुनिक संस्करण आते ही यह दुनिया भर के अन्य देशों के मुकाबले काफी ज्यादा शक्तिशाली हो जाएंगे.

मैं आपको एक बार फिर बता दूं कि इस तोप के निर्माण के लिए भारत देश यानी कि स्वदेशी पार्ट्स लगे हैं, जिसकी 100 में से 90 फ़ीसदी पार्ट्स स्वदेशी हैं. यह काफी गर्व की बात है, आप मुझे कमेंट बॉक्स में अपनी राय दे सकते हैं.

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