जेएनयू छात्र:

मुज्जफरपुर में कन्हैया कुमार
मुज्जफरपुर में कन्हैया कुमार


हाइलाइट्स:

  • मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार का कहर जारी 127 बच्चों की हुई मौत
  • मुज्जफरपुर जहाँ चमकी बुखार से 108 बच्चों की मौत हुई थी वहाँ मील है मानव कंकाल

कन्हैया कुमार से क्यों भड़के है लोग

कन्हैया कुमार का हर लगभग भाषण दमदार होता है, परंतु यह अक्सर देखा जाता है कि कन्हैया कुमार कुछ ऐसे शब्दों या वाक्यो का प्रयोग कर देते है कि लोगो को आहत महसूस होने लगता है.

विद्वानों का कहना है कि बातों में दम होना भविष्य अच्छा होने का संकेत है परंतु इरादे नेक होने चाहिए. अगर इरादे नेक हो और वह व्यक्ति अच्छा वक्ता हो तो पूरे साम्राज्य को उसके मुट्ठी में आने से कोई नही रोक सकता है.

परंतु यह अक्सर कन्हैया कुमार के भाषण में राष्ट्र विरोध का आभाष लोगो को होता आ रहा है. तो यहीं पर एक प्रश्न चिन्ह लगता कि पीड़ित लोग आवाज भी नही उठा सकते है क्या.

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संविधान के हिसाब से अगर कोई भी व्यक्ति राष्ट्र के अंदर किसी भी तरह का नफरत फैलाने या कोई ऐसा कोई भी वाक्य जिससे राष्ट्र का अपमान हो वह गलत है संविधान और देश के नजर में, और यही कारण है कि लोगो को कन्हैया कुमार में राष्ट्रीयता नजर नही आती है जिसके कारण देश के अधिकांश लोग उनसे नफरत करते है

कन्हैया कुमार को इलाज चल रहे अस्पताल में जाने क्यों नही दिया गया

एसकेएमसीएच अधीक्षक ने बृहस्पतिवार को यह आदेश जारी किया था कि मीडियाकर्मी के सहित अन्य किसी भी बाहरी व्यक्ति को किसी भी इलाज चल रहे वार्ड में जाने से रोक दिया जाय. साफ शब्दों में अगर कहा जाए तो यह आदेश एसकेएमसीएच अधीक्षक ने दिया है.

और यही कारण रहा है कि कन्हैया कुमार की आईसीयू में चल रहे बच्चों के इलाज के साथ साथ सामान्य वार्ड तक भी जाने का अनुमति नही मिला.

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