जब से तेज़ प्रताप यादव राजनीति में आये है तब से यह देखा जा रहा है कि ये श्री लालू प्रसाद यादव के जैसे प्रख्यात हो रहे है।

राजनीति किसी देश या प्रदेश के लिए होना बहुत जरूरी है जो कि राजनीति के मंथन से ही किसी स्थान का विकास या विनाश संभव हो पाता है। मैं बस ये कहना चाहता हु की राजनीति किसी भी जाति के आधार पर लड़ना बहुत खतरा बन सकता है, जैसा कि पच्छिम बंगाल में हो रहा है।

तेज प्रताप यादव
तेज प्रताप यादव

हमारे प्यारे तेज़ प्रताप यादव बिहार में जाति के आधार पर ही चुनाव लड़ते नज़र आये है। सिर्फ बोलने की कला से समाज का विकास नही होता है बल्कि बोलने के साथ-साथ ईमानदारी के साथ काम करने की कला भी होनी चाहिए जो कि तेज़ भैया में नही है।

ईमानदार होना यानी चरित्रवान होना बहुत जरूरी है क्यों ये मैं आपको एक कहानी के माध्यम से बताता हूं बस आंख बंद करके एक बार पढ़ जरूर लेना:

रावण को जब श्री राम ने परास्त कर दिया और वो मृत्यु के अंतिम समय मे था तब रावण ने पूछा कि यार में तुमसे जाती में बड़ा हूँ तुम क्षत्रिय में ब्राह्मण, तुम्हारी सेना से कई गुना बड़ी तो मेरी सेना है सेना में ऐसे ऐसे लोग है जिससे देवता भी कांपते थे, धन में तुमसे कई ज्यादा तुमसे बड़ा हूँ, और बात रही विद्या की तो विद्या में भी तुमसे बहुत बड़ा हूँ।

सारी चीजों में यार सच मे रावण श्रेष्ठ थे, आप अंदाजा लगा सकते है कि जो कैलाश पर्वत को उठा सकता जहा स्वयं भोलेनाथ का निवास है, उसके पास असीम शक्ति थी और वो कुछ भी कर सकते थे। फिर वो हार क्यों गया, यही बात जब रावण ने श्री राम से पूछा तो राम ने कहा मै नहीं बताऊंगा । कई बार अनुरोध करने के बाद बोले श्रीराम ने कहा कि तुम्हारे हारने के बस एक ही कारण है कि “मैं चरित्रवान और तुम चरित्रहीन”।

तेज प्रताप यादव
तेज प्रताप यादव

मेरे कहने का क्या तात्पर्य क्या है कि हमे वैसे नेता को चुनना नही चाहिए जिसके ईमानदारी पर कई बार सवाल उठ चुके हो। हमारे देश भारत मे यह होड़ सी लग गयी है कि चाहे वो किसी भी प्रान्त से हो अगर उसके पापा या खानदान में कोई भी राजनीति में है तो उसके लगभग सभी सम्बन्धी अगले आने वाले राजनीति का हिस्सा बन जाते है चाहे उसके अंदर लीडरशिप हो या नही, वो समाज का विकास करेगा या नही।

तेज प्रताप यादव
तेज प्रताप यादव

आज राजनीति पेट पालने का एक मजबूत जरिया सा बन गया है चाहे वो पेट छोटा हो या बड़ा । ठीक इसी तरह के राजनीति तेज़ प्रताप यादव भी कर रहे है उसके सारे भाषण उठा के देख लो कभी भी यह सुनने को नही मिलेगा की वो देश के या अपने राज्य के विकास के बात कर रहे हैं। हमारे देश के हर वो नेता जो हमेसा दुसरो की ही बात करते है विकास की कोई बात ही नही करता है, उसको कभी भी अपना कीमती वोट नही देना चाहिए । ऐसे लोगों का मानसिकता सिर्फ सत्ता पाने की होती है।

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जिसके मानसिकता में जनता की सेवा करना है वो हमेशा विकास की ही बात करेगा । उसके चेहरे पर जनता की चिंता होती है और ऐसे लोग कम पाए जाते है । हालांकि ये बात सच है कि आजकल मोदी भी अपने भाषण में हमेशा दूसरों की ही बात करते है लेकिन ये भी गौर करने वाली बात है कि वो मजबूरी में बोल रहे है । वैसे भी मोदी और उसके सरकार ने इतना काम कर दिया ही कि वो और किसी के राजनीति पर टिप्पणी करे तो इतना चलता है।

नरेंद्र मोदी
तेज प्रताप यादव

अंत मे मैं इतना कहना चाहूंगा कि भविष्य में कभी भी जाति, धर्म के आधार पर अपना वोट कभी मत करना क्योंकि आपको अपना पेट आपको खुद से ही भरना है, जिंदा रहने के लिए आपको ही ईमानदारी से काम करना होगा वो नेता नही आएगा।

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