फ़रवरी 18, 2020

भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के अनुसार EVM हैकिंग असंभव, जानिए सच

नमस्कार दोस्तो मेरा नाम विकाश है आज हम बात करने वाले है कि क्या सच मे EVM को हैक करना संभव है। और साथ मे यह भी जानेंगे कि इस EVM हैकिंग के बारे में भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग का क्या कहना है।

EVM हैकिंग
EVM हैकिंग

कब से सुरु हुआ EVM पर आरोप लगना

चुनाव ख़त्म होते ही और ख़ासकर सोमवार से देशभर में जगह-जगह ईवीएम मशीन मिलने की ख़बर आ रही है. विपक्षी नेताओं का आरोप है कि ज़िला प्रशासन दबाव में आकर मतगणना में ईवीएम बदलने की साज़िश रच रहा है. जगह-जगह ईवीएम और वीवीपैट से भरे ट्रक की जानकारी सोशल मीडिया पर दी जा रही है जिनमें दावा किया जा रहा है कि ईवीएम मशीनें बदली जा रही हैं।

कहाँ कहाँ से आई ज्यादा EVM हैकिंग के शिकायतें

इस तरह की ख़बर बिहार और उत्तर प्रदेश के झांसी, चंदौली, ग़ाज़ीपुर, डुमरियागंज से आ रही थी. इस बारे में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी ने ट्वीट किया है कि ईवीएम मशीन की भरे हुए ट्रक पकड़े जा रहे हैं. लेकिन क्या ये हैक हो सकती हैं?

क्या सच मे EVM हैक हो सकती है?

EVM हैक की जा सकती है या नही इसपर लंबे वक्त से बहस चल रही है। देश के अदालतों में इसपर लगभग 7 मामले चल रहे हैं चुनाव आयोग कहता आ रहा है कि ये EVM मशीनों को हैक नही किया जा सकता है और इसका भरपूर समर्थन भारतीय जनता पार्टी (BJP) करती नजर आ रही है क्योंकि बीजेपी के कोई भी नेता इसका विरोध करते नजर नही आये हैं। हमारे देश मे लगभग 16 लाख EVM का उपयोग होता है और प्रत्येक EVM 2000 वोट की क्षमता रखता है।

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ये मशीनें बैट्री से चलती है और इसमें एक खास तरह का सीरियल कोड लगा होता है जिसे छेड़छाड़ नही किया जा सकता और अंदर दर्ज हुए वोट को चुनाव आयोग के अलावा कोई भी नही देख सकता है। पोस्ट अच्छी लगे तो लाइक जरूर करिएगा और हमे फॉलो करके कंमेंट में अपनी राय जरूर बताए।

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